निजीकरण और उसकी सार्थकता ।

निजी करण ने पूरे सिस्टम को तबाह कर दिया।


निजी हॉस्पिटल पूर्ण रूप से बंद है l नीति आयोग कह रहा था कि जब तक इस देश में निजीकरण को बढ़ावा नहीं मिलेगा देश का विकास नहीं किया जा सकता। एस्मा लगाने के बाद निजी अस्पताल पूर्णतया अधिकतर बंद है। सिर्फ सरकारी अस्पताल ही खुले हुए हैं ।


 सरकारी राशन वितरण में निजी दुकानों को लाइसेंस देना आज घातक साबित हो रहा है । यह इमानदारी से गरीब जनता को राशन नहीं दे रहे हैं ।
ग्रामीण स्तर तक जब इन निजी दुकानदारों को सरकारी राशन वितरण का ठेका दिया है तो फिर गांव गांव में राशन के लिए गरीब जनता क्यों परेशान हो रही है ?


 एफडीए  पूर्णता फेल हो चुका है । आज multinational बड़े-बड़े स्टोर जिन्हें राशन की दुकान खोलने के लिए  लाइसेंस दिया गया पूर्ण रूप से असफल साबित हो रहे हैं।  सिर्फ गली मोहल्ले की छोटी-छोटी दुकानें ही आज देश के काम आ रही हैं ।


 स्कूलों का निजी करण किया गया क्या एक भी निजी स्कूल के कर्मचारीयों कि ड्यूटी इस आपदा की घड़ी में लगाई जा सकी है ? इन स्कूलों को कौड़ी के दाम पर शहर में जमीनें दी गई, 100%  टैक्स में छूट दी गई । क्या यह निजी स्कूल इस महामारी के कारण आर्थिक मंदी में अपने स्कूल के बच्चों की फीस माफ करने के लिए तैयार है ? शिक्षा  देश का भविष्य बनाती है। किसी भी देश के विकसित होने के लिए शिक्षा अति महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। क्या यह प्राइवेट स्कूल आर्थिक मंदी के दौर में स्कूल फीस माफ करने के लिए तैयार है ?  शिक्षा का निजीकरण भी पूर्णतः असफल साबित होता दिख रहा है। ।


 सिर्फ सरकारी पैसेंजर ट्रेनों को ही आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है । निजी ट्रेन तेजस जिसमें सबसे अच्छी व्यवस्था है जिसमें सुंदर-सुंदर लड़कियां को होस्टेज रखा गया है। क्या यह निजी ट्रेन के मालिक इस विपदा की घड़ी में आगे आए ?  निजी मालवाहक ट्रेनें इस विपदा की घड़ी में कहां है ? सिर्फ सरकारी माल वाहक ट्रेनें ही देश के काम आ रही हैं। ।
रेलवे का निजीकरण करना भी असफल साबित हो गया है।


जो निजी करण का समर्थन कर रहे थे आज उनको आपकी बुद्धि और लंबी सही सोंच को मापने का समय आ चुका है ।
आज समय आ चुका है कि आप लोग इस देश की खातिर जो निजीकरण का विरोध कर रहा है उनकी बातों को गंभीरता से सुने और समझे । 
आप भी इस निजीकरण का विरोध करें । 
बुद्धिमान समझाते रहे,परंतु लोगों की समझ में नहीं आया। कोरोना कोविड 19  के कारण देश का सिस्टम पूर्ण रूप से उजागर हो चुका है


सरकारी उपक्रमों को बेचना बंद कर देश को सम्रद्ध बनाने का प्रण करें।